ज़मीर की आवाज़ और सूखी रोटियाँ लखनऊ के पुराने मोहल्ले में ज़ैद नाम का एक नौजवान रहता था। ज़ैद पढ़ा-लिखा था, लेकिन उसे जल्द से जल्द अमीर बनने का जुनून था। उसे लगता था कि दीनदारी और …