कहानी का शीर्षक: सूझ-बूझ की कीमत एक बहुत ही आलीशान रियासत थी, जिसके बादशाह अपनी दरियादिली और इंसाफ के लिए मशहूर थे। उसी रियासत में एक बूढ़ा बढ़ई (Carpenter) रहता था, जिसका नाम था रहमत…
शीर्षक: एक "गूंगे" पिता की चिट्ठी और वो फटा हुआ स्वेटर... शीर्षक: खामोश मोहब्बत की चीख: एक पिता का वो बलिदान जो दुनिया नहीं जानती गाँव की वो धूल भरी गलियाँ आज समीर को काटने को दौड़ रही थीं। समीर, जो शहर के…