ज़मीर की आवाज़ और सूखी रोटियाँ लखनऊ के पुराने मोहल्ले में ज़ैद नाम का एक नौजवान रहता था। ज़ैद पढ़ा-लिखा था, लेकिन उसे जल्द से जल्द अमीर बनने का जुनून था। उसे लगता था कि दीनदारी और …
एक अधूरी दुआ और खुदा का फैसला शहर के शोर-शराबे से दूर एक छोटा सा घर था, जहाँ सादिक नाम का एक नेक इंसान रहता था। सादिक की ज़िंदगी की एक ही ख्वाहिश थी—उसका बेटा एक बड़ा अफसर बने। उसन…